Lucknow: टीबी मरीजों (TB patients) को बेहतर जीवन देने के प्रयास में जुटे केजीएमयू के डिप्टी नर्सिंग सुपरिटेंडेट प्रदीप गंगवार (Pradeep Gangwar) अब एक हजार मरीजों को गोद ले चुके हैं।
विश्व टीबी दिवस (World TB Day) के अवसर रानी लक्ष्मी बाई संयुक्त चिकित्सालय में टीबी से ग्रसित गरीब मरीजों को पोषक पोटली प्रदान करते हुए उन्होंने बताया कि एक वर्ष पूर्व टीबी से ग्रसित गरीब मरीजों को पोषक पोटली प्रदान करने का कार्यक्रम शुरू किया गया था। अब तक 1000 मरीजों को अब तक गोद लेकर पोषक पोटली प्रदान की जा चुकी है। कोशिश है कि लखनऊ को टीबी मुक्त बनाने में प्रबुद्ध लोग बड़ चढक़र हिस्सा लें, जिससे गरीब मरीजों टीबी जैसी घातक बीमारी से मुक्ति मिल सके।

पोषक पोटली में चना, मूंगफली, दलिया, सोयाबीन, मखाना, गुड़, सत्तू व प्रोटीन युक्त सामग्री दी जाती है ताकि मरीजों को दी जाने वाली टीबी की दवाई Heavy Dose होने के कारण शरीर में कमजोरी , चिड़चिड़ापन, मिचली , सांस फूलना, थकावट, चक्कर आना व अन्य समस्याएं उत्पन्न न कर सके। जिन मरीजों को पोषक आहार पोटली प्राप्त हो जाती है उनमें ऐसी दिक्कतें कम से कम देखने को मिलती है जबकि जिन मरीजों में प्रोटीन की कमी रहती हैं, उनमें उक्त समस्याएं, प्रभावी रूप से देखने को मिलती हैं। जिससे ज़्यादातर मरीज टीबी की दवाई छोडऩे लगते हैं। मरीजों को कमजोरी की वजह से दवा ना छोडऩा पड़े।