Lucknow: धर्मांतरण व लव जिहाद मामले में किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) कुलपति प्रो. सोनिया नित्यानंद (Dr. Sonia Nityanand) के लिए मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। सोशल मीडिया पर केजीएमयू कैम्पस में धार्मिक आयोजन की फोटो वायरल होने, लव जिहाद और धर्मांतरण के आरोपों के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कार्यालय ने उन्हें तलब किया है।

बताया जा रहा है कि केजीएमयू में इस प्रकार की गतिविधियों को शासन ने काफी गम्भीरता से से लिया है। इसके साथ ही करीब दो दर्जन बिन्दुओं पर कुलपति से जवाब-तलब किया गया है। मालूम हो कि भाजपा के नेता अभिजात मिश्रा (BJP Leader Abhijat Mishra) ने शुक्रवार को एक्स पर तीन फोटो पोस्ट कर केजीएमयू में हो रहे कार्यों पर सवाल उठाया था। उन्होंने एक्स पर सेल्बी हॉल के बाहर की एक साल पुरानी फोटो पोस्ट करते हुए लिखा कि

शनिवार को यह खबर व फोटो मीडिया में आने के बाद शासन ने इसे संज्ञान में लेते हुए कुलपति को तलब किया है। यह फोटो प्रशासनिक भवन में बने सेल्बी हॉल के बाहर की हैं। ऐसे में सवाल उठने लगा है कि क्या कुलपति प्रो. सोनिया नित्यानन्द ने केजीएमयू कैम्पस में धार्मिक आयोजन की अनुमति दी थी। अगर नहीं तो उनकी मर्जी के बगैर यह कार्यक्रम उनके कार्यालय के पास किसकी अनुमति से हो गया।

यह भी पढ़ें: KGMU में ‘लव जिहाद’ का साया! धर्मान्तरण के दबाव में महिला डॉक्टर ने की खुदकुशी की कोशिश, खुफिया एजेंसियों समेत प्रशासन ने शुरू की जांच

अभिजात मिश्रा की इस पोस्ट ने कुलपति प्रो. सोनिया नित्यानन्द की परेशानी को बढ़ा दिया है। उनके सामने इन फोटो के बारे में सफाई देना मुश्किल हो गया है। जबकि फोटो में साफ दिखाई दे रहा है कि फोटो सेल्बी हॉल के बाहर की है और छात्र व डाक्टर धार्मिक परिधान में तकरीर कर रहे हैं।

यह भी पढ़ें: धर्मांतरण व लव जिहाद मामले को लेकर केजीएमयू पहुंची अपर्णा यादव, विशाखा कमेटी पर उठाये सवाल

वहीं इससे पहले शुक्रवार को राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव ने भी इस मामले में केजीएमयू प्रशासन पर सवाल उठाये थे। उन्होंने कहा था कि पीडि़त महिला डॉक्टर को केजीएमयू स्तर पर कोई मदद नहीं मिली। जब पीडि़त महिला आयोग गयी तो उसे मना किया गया। अपर्णा यादव ने विशाखा कमेटी पर भी सवाल उठाया।

यह भी पढ़ें: KGMU: लव जिहाद मामले में फरार चल रहा 50 हजार का इनामी डॉक्टर गिरफ्तार

हो सकती है कई और गिरफ्तारियां

बहरहाल इस प्रकरण पर रोजाना नये खुलासे हो रहे हैं। केजीएमयू के लिए आरोपी डॉक्टर रमीज मलिक को पुलिस ने गिरफ्तार किया किया है उसके संबंध PFI से भी हैं। पुलिस पूछताछ में पता चला है कि वह जाकिर नाईक को अपना आदर्श मानता है। दिल्ली ब्लास्ट में गिरफ्तार शाहीन सईद से भी आरोपी डॉक्टर संपर्क में था। इतना ही नहीं डॉ रमीज ने बताया कि KGMU के पदाधिकारी केजीएमयू में उससे कई बार मुलाकात भी कर चुके हैं। अब पुलिस डॉ रमीज के पुराने मोबाइल का डाटा रिकवर करवा रही है, जिससे उसके PFI के संबंधों का पूरा सच सामने आयेगा। इतना ही नहीं यह भी बात निकलकर सामने आ रही है कि कई लोगों को निशाना बनाया गया है। अब इस मामले में कई अन्य की भी गिरफ्तारी हो सकती है।

यह भी पढ़ें: KGMU: अपर्णा यादव के खिलाफ FIR न होने पर भड़के डॉक्टर कर्मचारी, ओपीडी ठप करने का अल्टीमेटम 

कार्यवाहक रजिस्‍ट्रार के भरोसे KGMU

किंग जॉर्ज मेडिकल यूनविर्सिटी में लव जिहाद, धर्मांतरण को लेकर इतना बड़ा बवाल मचा हुआ है लेकिन केजीएमयू में कोई पूर्णकालिक रजिस्‍ट्रार नहीं है। केजीएमयू सूत्रों के मुताबिक वर्तमान केजीएमयू प्रशासन के साथ रजिस्‍ट्रार का सामंजस्‍य नहीं बैठ रहा है। केजीएमयू वीसी कार्यालय खुद सारे निर्णय ले लेता है जबकि प्रशासनिक दायित्‍व आईएएस अधिकारी यानी कि रजिस्‍ट्रार का होता है।

चर्चा है कि वीसी से नाराजगी के कारण पूर्व रजिस्‍ट्रार रेखा चौहान पहले लंबी छुट्टी पर गई और फिर अपना स्‍थानांतरण करवा लिया। उसके बाद शासन ने आईएएस अर्चना गहरवार को केजीएमयू का रजिस्‍ट्रार बनाया। लेकिन उनका भी सामंजस्‍य केजीएमयू वीसी के साथ नहीं बैठ पा रहा है, जिसके कारण वह भी लंबी छुट्टी पर चली गई हैं।